01/01/2016, 1:34 pm - Vitthal Ghadi: 🌺 सच है कि आज का नया कल पुराना हो जायेगा.... हर एक दिन में गम का साया बढता हि जायेगा.... हम इसी जमानेके साथ चल रहे थे, और गमकी आगोश में झूम रहे थे हम... चल दिये थे इस जहां से सब छोड के, मुडकर आ गये सबकुछ देने केलीये हम.... पता चला अब सुख का सच्चा अर्थ मेरे दोस्त, समजते हि मेरे सुख का दरिया सुखं गया.... हर एक के सुख में मेरा सुख छिपा है, इन्सान को मिलने मै अपना पता भूल गया... दोस्तो एक बात तो है नाम और पता अपनी पहचान है... सारे सुख, ऐश्वर्य कि किताब, यह विश्वाप्रार्थना है.... हर पल इन शब्दोंको गुण गुनाते रहना .... यही इस साल कि मेरी सबको शुभकामना.. 😃 नये साल के पहले दिन कि नयी मुस्कान 😀
Wednesday, January 18, 2017
एक जानेवारी दोन हजार सोळा
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