Friday, February 5, 2016

शुभ प्रभात पाच फेब्रुवारी दोन हजार सोळा

मोहब्बत तो मैंने कि है....
तुझसे कि ...तेरे ख्वाबसे कि है...

मोहब्बत तो मैंने कि है....
तेरे जहांसे कि, तेरे इंसानसे कि है....

मोहब्बत तो मैंने कि है...
इंसान के प्यार से कि, उसके नफरत से कि है....

मोहब्बत तो मैंने कि है....
सबके ख्वाईश से कि, हर एक के जिद से कि है....

मोहब्बत तो मैंने कि है...
मेरे अपनोंसे कि, अपने पराये सभीसे कि है...

मोहब्बत मैंने विश्वप्रार्थना से कि है..
ऐ खुदा ! उसीमें तो तूने, सभीके सुख शांती कि तस्वीर दिखायी है....

🌸  मेरे दिल कि तस्वीरमें बसनेवालो सभीको शुभ दिन कि शुभकामना...🌸

                          विठ्ठल घाडी   चारकोप
                                     ९१६७७५५२०३

No comments:

Post a Comment