रात के अंधेरे का खौफ, और हारने का डर बार बार देखा है।
सपने सच करने का हौसला लेकर सुरज हर सुबह आता है।
उसकी चमक और रोशनी से सारा जहां खील उठता है।
पर उसका देने का अनोखा अंदाज कौन कहां देखता है।
हाथ कि लकीर के पीछे का राज और नसीब किसने देखा है।
हम ख्वाब देखते है सच करने कि चाहत और हौसला किसने देखा है।
कई दिनोसे हमे एक एहसास हो रहा है दे तो क्या दें।
पाने कि भागदौड मिलता कितना है जो दूसरोंके हाथ रख दें।
अब जा के पता चला है इन्सानके अंदर रब बसता है।
दूसरोंको मांगनेसे सबकुछ, पहले हमें रब देता है।
अब क्या मांगे यह तो तय हो गया है।
विश्वप्रार्थनासे नाता जो जुड गया है।
🌸 इस सुंदर दुनियासे नाता जोडणेवाले हर एक को शुभ दिन कि शुभकामनाये 🌸
सपने सच करने का हौसला लेकर सुरज हर सुबह आता है।
उसकी चमक और रोशनी से सारा जहां खील उठता है।
पर उसका देने का अनोखा अंदाज कौन कहां देखता है।
हाथ कि लकीर के पीछे का राज और नसीब किसने देखा है।
हम ख्वाब देखते है सच करने कि चाहत और हौसला किसने देखा है।
कई दिनोसे हमे एक एहसास हो रहा है दे तो क्या दें।
पाने कि भागदौड मिलता कितना है जो दूसरोंके हाथ रख दें।
अब जा के पता चला है इन्सानके अंदर रब बसता है।
दूसरोंको मांगनेसे सबकुछ, पहले हमें रब देता है।
अब क्या मांगे यह तो तय हो गया है।
विश्वप्रार्थनासे नाता जो जुड गया है।
🌸 इस सुंदर दुनियासे नाता जोडणेवाले हर एक को शुभ दिन कि शुभकामनाये 🌸
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